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Showing posts from May 17, 2015

तेरी हर बात

साभार गुगल इमेज़  ---------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------
तेरी हर बात पर एतबार है क्यू  मुझे ज़िन्दगी तू फिर मिल गई राह में मुझे
गीत कोई अधूरा गा कर होंठ चुप हो गए  तेरी ही रूह हूँ अब तो  महसूस कर मुझे
सदियों से हूँ यही  ही किसी इंतज़ार में ख़्वाब हूँ पलकों से अपनी चुन ले तू मुझे
वक़्त कि दीवार पे टिकी एक तस्वीर हूँ मैं तेरा ही तसव्वुर हूँ ये बात याद हैं मुझे   आराधना राय 

नज़्म -------------तेरे ख़त

आभार गुगल इमेज़


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   तेरे ख़त मुझे आज भी  क्यू  देर तक यू रुलाते है    यादों कि कैद में थमीं बातों में  जब मुस्कुराते है 
धुँधले हो चुके स्याह शब्द  कुछ कह से जाते है    आँसुओ  के धब्बों में छिपे राज़ हरे से हो जाते है 
  वक़्त के मोड़ पर खड़े यू ही जब कहीं ठहर जाते है    उनकी बातों के सायों को इंतज़ार  में खड़े पाते  है 
 कागज़  ना दवात कलम लिखने वाले लिख जाते है   बातों के अहसास अब किसी के समझ नहीं आते है  

किसी के ऑंसू भी कोई दास्तां नहीं सुना कर  जाते है  दर्द दिल के दिल में ही दफन से हो कर क्यू रह जाते है 

  आराधना राय

दर्द

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दर्द जब  ज़ुबां देता है , खूबसूरत अहसास को  जन्म देता है  पानी में उठते बुलबुलों कि तरह रोज़ मरते है रोज़ जीते है 
क्यू फ़से  है इस कफ़स में यहाँ ऐसी  उलझन में यू रहते है
 शिकवा हम यहाँ किस से करे मेरी दुनियाँ ही रूठ के बैठी है

एक तेरे नाम पे जीते है ,हॅंस के दुख भी अब  झेल ही लेते  है
 इश्क है तुम से खुद को बहला कर हम भी तो जीते ही  रहते है  आराधना राय