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Showing posts from September 25, 2015

ईद -

ईद

ईद से खूबसूरत कहाँ कोई बात होती है
ईद के चाँद में अक्सर कोई बात होती है

रुखसत हुई हो डोली में दुल्हन ही आज
इज़्ज़त से जो हो जाए वहीं बात होती है

बारात सज रही है अर्श पे लगता है आज
हिल - मिल कर ही दिल से बात होती है

रब के होने का अहसास जगाता है  चाँद
जब भी मिलती है रूहानी सी बात होती है

उसी देख कर तारे की अजब रात होती है
फलक पे चाँद की" अरु" नूरानी बात होती है

आराधना राय "अरु"