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Showing posts from July 13, 2015

ख़ामोश

ख़ामोश
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अपनी ख़ामोश सी ज़िंदगी लिए
एहसास भी ग़र्क़ दिल में कर लिए

किसके उजाले आँखों में बसा लिए
मर कर यू  तुझे कुछ पाने के लिए

उम्र का एक ये मक़ाम जी ही लिए
किसी कि याद बस दिल में यू लिए

कोई दर्द था दिल में जहन में लिए
"अरु" आँसू कम थे जीने के ही लिए
आराधना राय


copyright : Rai Aradhana ©

दुःख

दुःख
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तुम से बात ना हो पाने का दुःख
ना जाने कैसे सह गई
तुम्हारे सपनों को बिसर जाने का दुःख
मौन हो सह गई ,
ना जाने कहाँ किस मोड़ पर ज़िंदगी
तेरे लिए ही रह गई
हादिसे दरकिनार करती गई ज़िंदगी
और में दरिया सी बह गई
"अरु" तेरे बगैर कुछ भी कहीं ना थी
सोचती हूँ ना जाने कैसे जी गई आराधना राय


copyright : Rai Aradhana ©