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Showing posts from August 21, 2015

آرزو आरज़ू

साभार गूगल
तज्दीद-ए-आरज़ू ------------------------------------------------- जिसे भूले ही नहीं याद क्या उसको करें उसकी हर बात दिल में ही बसा रखी है
हर लम्हा उसे सोचते ही गुज़रता रहा यूँ जैसे सहरा से कोई आबशार हो निकला
उसकी बातें में तज्दीद-ए-आरज़ू है तेरी उसका ज़िक्र 'अरु' लगता है फरिश्तों सा
आराधन राय 'अरु ' ---------------------------------------------------------
Renewing desire- तज्दीद-ए-आरज़ू, इच्छा,


       آرزو   ================================
جسے بھولے ہی نہیں یاد کیا اس کو کریں
اس کی ہر بات دل میں ہی حل رکھی ہے
ہر لمحہ اس خیال ہی گزرتا رہا یوں اس کی باتیں میں تجدید-اے-آرزو ہے تیری