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Showing posts from July 30, 2015

इंतज़ार

तेरे इंतज़ार में चुप- चाप हम यू ही रोयेंगे अश्को से दामन तेरा हम भी यू भीगोयेंगे 
तेरी बातो से मिल जायेगा यू ही क़रार मुझे यु ही दिल -दिल में  प्यार में  भीगोयेंगे तुझे 
उसके ज़ज़्बात भी अपने से ही अब लगने लगे "अरु" वो मुझे अपना हम कदम सा ही लगने लगे
आराधना राय  Rai Aradhana © आराधना राय

पहचान

मेरी तुझ से पहचान  ये यू ही नहीं थी
तुझ से मुलाक़ात कभी हुई ही नहीं थी

तुझ से जन्मों कि बात यू तो नहीं थी
 दिल कि ही ये कोई यू ही बात रही थी

तुझ से मिलना यू ही इत्तेफ़ाक़ रहा था
एक हम ही नहीं बैठे तेरे इंतज़ार में "अरु"

आराधना राय