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तहरीर देखती हूँ

  
साभार गुगल


तहरीर देखती हूँ
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  कागज़ की जुबानी से तहरीर देखती हूँ
  दिल में छुपी तेरी हर तस्वीर देखती हूँ 

  कागज़ नहीं कोरे हर हर्फ तोलती हूँ
  वक़्त की किताबों में तहरीर देखती हूँ

 एहसास लिए खुद के गम को झेलती हूँ
 काँटों में उलझी सी जंजीर देखती हूँ
 
 बागों में गुलों के रंग - बेरंग देखती हूँ
 लफ्जों की बयानी से  ज़मीर देखती हूँ

ख्वाहिशों के जंगल में जुगनु को देखती हूँ
तन्हा रूठी सी तकदीर को देखती हूँ


मायुस नहीं दिल की तमन्ना  देखती हूँ
आँखों से "अरु"दिल कि जागीर  देखती हूँ
आराधना राय "अरु"

आराधना राय "अरु"

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आना

घर भले ही खाली हाथ आ जाना गुज़रा वक्त तूम साथ ले आना हमने जाना नही तुमने माना नहीं कब हुई दोस्ती हमने पहचाना नहीं आसमान मेरे सर पर हमेशा रहा छांव एक टुकड़ा सही संग ले आना जब भी आना मेरे घर तूम ही आना सोई सी  इस नज़्म को बोल दे जाना आराधना राय "अरु"

श्रद्धांजलि

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